A CSR Initiative of GAIL (India) Limited
Blogs

श्रीजन परियोजनाः हैंडलूम की ट्रेनिंग से आय के नए स्रोत

गेल इंडिया से वित्त पोषित श्रीजन परियोजना ने रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों के लिए आय के स्रोत विकसित करने के लिए एक और अभिनव पहल की है। ग्राम संसारी की सीआरटीसी में महिलाओं को हैंडलूम वर्क का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके साथ ही सिलाई, कढ़ाई, बुनाई का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सीआरटीसी पर प्रशिक्षण के लिए महिलाओं के रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। ट्रेनर उस्मान अली ने हैंडलूम और सिलाई मशीनों के कार्यों और उनके संचालन की जानकारी दी। ट्रेनर उस्मान अली करीब 20 साल से देशभर में हैंडलूम से कपड़ा बनवाने तथा उस पर आकर्षक डिजाइनिंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

संसारी में होम फर्नीशिंग का सामान जैसे सोफा कवर, चादरों, पर्दों आदि पर कढ़ाई, बैग, फाइल कवर आदि बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान हैंडलूम पर कपड़ा बनाना सिखाया जाएगा। कपड़े को आकर्षक बनाने के लिए फ्रेम पर कढ़ाई सिखाई जा रही है।

 

प्रशिक्षण शुरू करने से पहले महिलाओं को हैंडलूम और सिलाई मशीन के कार्यों की जानकारी दी। कपड़े की माप लेना, कपड़े की कटाई, सिलाई और फ्रेम लगाकर सुई धागा से डिजाइन उकेरना तथा सिलाई मशीन चलाना सिखाया गया। प्रशिक्षक ने फ्रेम पर कढ़ाई करके दिखाई। पहले दिन 12 महिलाएं ट्रेनिंग में शामिल हुईं। तीसरे दिन यह संख्या 23 पहुंच गई थी। तीसरे दिन तक महिलाओं ने कुशन कवर बनाना सीख लिया। प्रशिक्षण में संसारी, चुन्नी व मंगोली गांवों की महिलाएं शामिल हो रही हैं।

 

श्रीजन परियोजना कार्यकर्ता हिकमत सिंह रावत ने बताया कि मानवभारती संस्था के सहयोग से संचालित श्रीजन परियोजना ने आपदा प्रभावित दस गांवों में स्थानीय लोगों को स्थानीय संसाधनों से आय बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए हैं। महिलाओं को आटोमैटिक वूलेन गारमेंट मशीन पर स्वेटर, टीशर्ट आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

ग्रामीणों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने तथा बिक्री कराने के लिए मार्केट लिंकेज कराया गया है। ई कामर्स वेबसाइट पर उत्पादों का डिस्प्ले किया जा रहा है। सीआरटीसी संसारी और लावड़ी में डिस्प्ले सेंटर खोला गया है। प्रशिक्षण के संचालन में श्रीजन कार्यकर्ता अभिषेक सिंह, किशन सिंह भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।